अपनी जिजीविषा से दुनिया को हैरान करने वाले हनुमनथप्पा आखिर हार ही गए जिंदगी की जंग

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हनुमनथप्पा

सियाचिन में हिमस्लखन के कारण 6 दिनों तक बर्फ में दबे रहने के बाद जीवित निकाले गए लांस नायक हनुमनथप्पा कोपड का गुरुवार को दिल्‍ली में सेना के आर आर अस्पताल में निधन हो गया।

डॉक्टरों की एक टीम पिछले तीन दिन से उन्हें बचाने की भरसक कोशिश कर रही थी लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। हनुमनथप्पा ने लगभग पौने 12 बजे अंतिम सांस ली।

वीर सपूत के निधन से उनका परिवार और धारवाड़ का गांव शोक में डूब गया। सपने में घर वापस लौटने का वादा करने वाले बेटे की मौत की खबर से मां का कलेजा छलनी हो गया।

लांसनायक हनुमंतप्पा को दिल्ली में बरार स्क्वायर पर श्रद्धांजलि दी गई। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, रक्षा राज्‍यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग, नौसेना प्रमुख रॉबिन के धोवन, वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरूप राहा, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी समेत कई ने उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को उनके पुश्तैनी गांव ले जाया जा रहा है। लांसनायक हनुमंतप्पा के निधन की ख़बर से कर्नाटक के धारवाड़ ज़िले में उनके गांव और परिवार में शोक की लहर है।

इससे पहले गुरुवार सुबह मेडिकल बुलेटिन में बताया गया था कि उनकी हालत और बिगड़ गई है और वह गहरे कोमा में चले गए हैं। हनुमंतप्पा के शरीर के कई अंग काम नहीं कर रहे थे, उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया के लक्षण पाए गए थे, तथा उनके दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही थी

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