आख़िर सही साबित हुए आइंस्टाइन, वैज्ञानिकों ने खोजी गुरुत्वाकर्षी तरंगें

379

ligo
अमरीकी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगा लिया है.
वैज्ञानिकों के मुताबिक़ गुरुत्वाकर्षण तरंगों के पता लगने से ब्रह्मांड के बारे में समझ का नया युग शुरू होगा.
प्रख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन की ‘जनरल रिलेटिविटी’ के सिद्धांत के मुताबिक़ गुरुत्वाकर्षण तरंगें रोशनी की रफ़्तार से यात्रा करती हैं.
लीगो ऑब्ज़र्वेटरी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि उन्होंने दो ब्लैकहोलों की टक्कर से निकलने वाली तरंगों का पता लगाया.
लीगो प्रॉजेक्ट के कार्यकारी निदेशक डेविड रेइट्ज़ ने वॉशिंगटन में कहा, “हमने गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगा लिया है.”
इन तरंगों का सबसे पहले पता 12 सितम्बर 2015 को पता चला. इस खोज को “LIGO” नाम के प्रयोग के द्वारा पता लगाया गया है. न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के खोज के बाद इस दिशा में बेहद अहम शोध है. यूरोप में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेस के दौरान वैज्ञानिकों ने कहा कि आइंस्टीन के लगभग सभी सिद्धांत प्रयोगों के द्वारा सत्यापित की जा चुकी थी, सिर्फ एक सिद्धांत का प्रयोगों द्वारा सत्यापन नहीं हो पाया था – “वो गुरुत्व तरंगों का अस्तित्व”. आज वैज्ञानिकों ने इन गुरूत्व तरंगों को साबित कर दिया. न्यूटन के सिद्धांतों से इतर आइंस्टीन का दिया गया यह बेहद अहम सिद्धांत आज प्रयोग के द्वारा सत्यापित हो गया.
black-hole
गुरुत्वाकर्षी तरंगों की खोज के लिए महत्वपूर्ण परियोजना में भारतीय वैज्ञानिकों ने डाटा विश्लेषण सहित काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंस्टिट्यूट ऑफ प्लाजमा रिसर्च गांधीनगर, इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनामी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईयूसीएए( पुणे और राजारमन सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलाजी इंदौर सहित कई संस्थान इस परियोजना से जुड़े थे।

गुरुत्वाकर्षी तरंगों की खोज की घोषणा आईयूसीएए पुणे और वाशिंगटन डीसी, अमेरिका में वैज्ञानिकों ने समानांतर रूप से की। भारत उन देशों में से भी एक है, जहां गुरुत्वाकषर्ण प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है।

उधर, इन तरंगों की खोज से संबंधित परियोजना में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अत्यधिक गर्व है कि भारतीय वैज्ञानिकों ने इस चुनौतीपूर्ण खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here