संसद में मायावती और स्मृति ईरानी के बीच तीखी नोकझोक

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राज्‍यसभा में हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने केन्‍द्र सरकार पर दलित छात्रों की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। इसी बीच उनकी पार्टी के सांसदों ने सदन की वैल में जाकर नारेबाजी की। केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी ने मायावती के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बहस की चुनौती दी। नारेबाजी और हंगामे के चलते राज्‍यसभा की कार्रवाई दोपहर साढ़े 12 बजे तक तीन बार स्‍थगित करनी पड़ी। हालांकि बाद में भी ऐसी ही स्थिति रही।
राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को जैसे ही शुरू हुई, पहले घंटे में ही गुस्से में तीखे शब्दों के आदान-प्रदान, नारेबाजी और तीन स्थगन देखने को मिले। इस घटनाक्रम से संसद के बजट सत्र के बाधारहित चलने के सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति की असलियत सामने आ गई।
इससे पहले मायावती ने रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या का मामला उठाते हुए मामले की जांच कमिटी में दलितों को शामिल करने की मांग की। उन्‍होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार रोहित वेमुला के दोषियों को सजा देने के पर्याप्‍त कार्रवाई नहीं कर रही है। मायावती ने कहा कि दलित छात्रों पर आरएसएस अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रहा है। सरकार मामले को दबाना चाहती है। उन्‍होंने केंद्रीय मंत्री बंडारु दत्‍तात्रेय और स्‍मृति ईरानी का इस्‍तीफा भी मांगा। मायावती ने साथ ही कहा कि जब तक जेएनयू और रोहित वेमुला मामले में अलग-अलग बहस को सरकार राजी नहीं होती तब तक हंगामा होता रहेगा।
इस पर स्‍मृति र्इरानी ने सभापति से इस मामले में तुरंत बहस कराने की मांग की। उन्‍होंने कहा,’एक बच्‍चे को राजनीतिक हथियार के रूप में किसने इस्‍तेमाल किया। रोहित वेमुला को यूनिवर्सिटी से निकाले जाने की सिफारिश करने वाली कमिटी में दलित प्रोफेसर भी शामिल था। आप इस बात को नजरअंदाज क्‍यों कर रहीं हैं।’ उन्‍होंने इस मामले में बहस कराने की मांग करते हुए ‘कहा, ‘अगर मायावतीजी मेरे जवाब से संतुष्‍ट नहीं होंगी तो मैं अपना सिर काटकर आपके चरणों में रख दूंगी। ईरानी और मायावती के बीच इसके बाद थोड़ी देर तक तीखी बहस हुई। इसी बीच बसपा सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी जिसके चलते राज्‍यसभा को स्‍थगित करना पड़ा। संसदीय कार्य राज्‍य मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि सरकार टुकड़ों में जवाब नहीं देना चाहती। वह बहस के लिए तैयार है।
बीएसपी के सांसदों ने इसके जवाब में सरकार विरोधी नारे लगाए और वेल में आए गए। इसके चलते राज्यसभा सभापति पीजे कुरियन को कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विरोध का खत्म करने के लिए संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पहल करते हुए बताया कि इस मसले पर बहस के लिए बुधवार को ही दोपहर बाद का समय नियत है। उन्होंने कहा, ‘सदन जेएनयू और हैदराबाद मामले पर आज बाद में बहस करने पर पहले ही सहमत है।’ कांग्रेस की ओर से कहा गया कि उसे इस पर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन बीएसपी ने अपनी ओर हंगामे के साथ विरोध जताना जारी रखा। गौरतलब है कि दलित वर्ग का ज्‍यादातर समर्थन बीएसपी को हासिल है। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि वे रोहित वेमुला के मुद्दे को उठाएंगे जबकि दूसरी पार्टियां मुख्य रूप से जेएनयू मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।

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