फर्जी नियुक्ति मामले में दिग्विजय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ भोपाल की अदालत ने शुक्रवार को गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.
यह वारंट विधानसभा में हुई कथित फ़र्ज़ी नियुक्ति के मामले में अदालत में हाज़िर नहीं होने की वजह से जारी किया गया है.
दिग्विजय ने कहा, ”मध्यप्रदेश पुलिस अगर चाहे तो मुझे गिरफ़्तार कर सकती है. मैं अदालत में उपस्थित होउंगा और ज़मानत के लिए अर्जी दूंगा.” इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में अदालत में 169 पृष्ठों का आरोपपत्र पेश किया।
राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह को शुक्रवार को अदालत में पेश होने के समन जारी किया गया था। इस मामले में के. के. कौशल और ए. के. प्यासी सहित सात अन्य आरोपियों को अदालत द्वारा 30,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई की तिथि 14 मार्च तय की है।
ये मामला 1993-2003 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई 17 नियुक्तियों के बारे में है. इस मामले में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया था.
इस मामले की जांच जस्टिस सचिंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में एक कमेटी ने की थी.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में 2006 में ही सौंप दी थी और इसमें नियुक्तियों को अवैध माना गया था. इससे पहले दिग्विजय सिंह से इस मामले पर एक लंबी पूछताछ की जा चुकी है

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