चिदम्बरम के पुत्र के खिलाफ मामला : अन्नाद्रमुक ने पीएम के बयान की मांग

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chadambaram=kirti
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम के पुत्र से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में अन्नाद्रमुक ने आज लोकसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी और पार्टी सदस्यों द्वारा किए गए भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद करीब पौने तीन बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।

अन्नाद्रमुक सदस्यों ने पूर्व वित्त मंत्री के बेटे कार्ति के खिलाफ एयरसेल मैक्सिस सौदे में भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों डालर कमाने का आरोप लगाते हुए इस मामले में सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान की मांग की। सरकार ने हालांकि अन्नाद्रमुक के इन आरोपों से पूरी तरह इंकार किया कि वह किसी को बचा रही है।

संसदीय मामलों के राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने अन्नाद्रमुक द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर अन्नाद्रमुक सदस्य उचित नियम के तहत प्रस्ताव दें तो सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने को तैयार है।

उन्होंने साथ ही कहा कि यह मामला उच्चतम न्यायालय के विचाराधीन है और जांच जारी है। उन्होंने साथ ही कहा कि सरकार किसी को नहीं बचा रही है और कोई कानून से उपर नहीं है। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया कि राजग सरकार को मामले की जानकारी नहीं है या वह कोई कार्रवाई नहंी कर रही है।

इससे पूर्व अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ सदस्य पी वेणुगोपाल ने यह मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि पूर्व वित्त मंत्री के बेटे ने इस करार में भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रूपये कमाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर इस पर बयान देना चाहिए।

वेणुगोपाल ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर 2015 में पूर्व वित्त मंत्री के बेटे से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों के चेन्नई स्थित परिसरों पर छापे मारे थे और इन छापों से यह सबूत मिले थे कि एयरसेल. मैक्सिस सौदे में कथित रूप से शामिल रही कंपनी के जरिए पूर्व वित्त मंत्री के बेटे ने दुनियाभर में अपने लिए साम्राज्य खड़ा किया।

अन्नाद्रमुक सदस्य हाथों में एक समाचारपत्र की प्रतियां भी लिए खड़े थे। रूडी के बयान के बाद भी अन्नाद्रमुक सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने आसन के समक्ष नारेबाजी जारी रखी।

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