उप्र विधान परिषद चुनाव में एसपी ने जीती 31 सीटें, बीजेपी का खाता भी नहीं खुला

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akhilesh
विधान परिषद के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने एकतरफा जीत दर्ज की है। वहीं, बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। 36 सीट के लिए हुए चुनाव में सपा को 31 सीट मिली है। इनमें से आठ पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। वहीं, दो सीट पर बीएसपी और दो अन्य सीट पर निर्दल कैंडीडेट ने जीत हासिल की है। उधर, रायबरेली में कांग्रेस कैंडीडेट दिनेश सिंह ने विजय हासिल की है। बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली। तीन- तीन मिनिस्टर देने वाले गाजीपुर और दो मिनिस्टर देने वाले जौनपुर में भी सपा को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, वाराणसी में माफिया बृजेश सिंह ने जीत हासिल की है।
मुरादाबाद में सबसे बड़ी जीत
कैबिनेट मिनिस्टर महबूब अली के बेटे परवेज अली ने मुरादाबाद सीट पर बीजेपी उम्मीदवार आशा सिंह को 4636 वोट से हरा दिया है। यह किसी भी प्रत्याशी की सबसे बड़ी जीत रही। वहीं, सबसे कम वोटों से जीत का फैसला गाजीपुर में हुआ जहां सपा के कैंडीडेट सानंद इंडिपेंडेंट कैंडीडेट विशाल से मात्र 65 वोट से हार गये।
पूर्वाचल में सपा को झटका
पूर्वाचल में सपा को झटका लगा है। यहां तीन सीटों पर सपा की हार हुई है। इसमें एक पर बीएसपी और दो पर इंडिपेंडेंट कैंडीडेट ने जीत दर्ज की है। सबसे चौंकाने वाला रिजल्ट जौनपुर का रहा। यहां सपा के उर्जा राज्यमंत्री ललई यादव ने अपने भाई के लिए टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। यहां से दो मंत्रियों के होते हुए भी सपा को बसपा ने करारी मात दी। बसपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंशू ने सपा उम्मीदवार लल्लन प्रसाद को 765 वोटों से हराया। वहीं, गाजीपुर से भी सपा सरकार में तीन- तीन मंत्री होने के बाद भी यहां उसे हार का सामना करना पड़ा है। वाराणसी में भी सपा को करारी हार झेलनी पड़ी। यहां से इंडिपेंडेंट कैंडीडेट माफिया बृजेश सिंह ने सपा उम्मीदवार मीणा सिंह मनोज को 1954 वोट से हराया.
यहां भी हुई सपा की हार
सपा को मुजफ्फरनगर और रायबरेली में भी हार का सामना करना पड़ा है। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सीट पर बसपा उम्मीदवार महमूद अली ने बीजेपी उम्मीदवार एसएस वर्मा को 2196 वोट से हरा दिया। वहीं, रायबरेली में कांग्रेस उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार सुरेंद्र प्रताप सिंह को 597 वोट से शिकस्त दी।
अन्य सीट पर एकतरफा जीत
पांच सीट को छोड़कर अन्य 23 सीट पर जहां चुनाव हुए वहां सपा ने एकतरफा जीत दर्ज की है। रामपुर बरेली से घनश्याम सिंह लोधी ने 1323 मतों से बीजेपी कैंडीडेट पीपी सिंह को हराया। बदायूं से बनवारी सिंह यादव ने बीजेपी के जितेंद्र यादव को 1307 वोट से हराया, पीलीभीत से अमित यादव ने बीजेपी के जेपीएस राठौर को 2206 वोट से हराया, हरदोई से मिस्बाहुद्दीन ने बीजेपी के राजकुमार को 684 वोट से हराया। खीरी में सपा 1985 वोट से चुनाव जीती, सुल्तानपुर में 720 वोट से सपा कैंडीडेट शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बीजेपी के कमलेश चंद्र त्रिपाठी को हराया। मिर्जापुर सीट से सपा कैंडीडेट रामलली ने बसपा कैंडीडेट त्रिभुवन सिंह को 222 वोट से हराया। रामलली भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से बाहुबली विधायक विजय मिश्रा की पत्‍‌नी हैं।
आठ कैंडीडेट पहले ही हो चुके हैं निर्विरोध
विधान परिषद की 36 सीट जनवरी माह की 15 तारीख को खाली हो गयी थीं। भारत निर्वाचन आयोग ने 8 फरवरी को अधिसूचना जारी कर चुनाव कराने की घोषणा की थी। नामांकन के बाद सपा के आठ उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए थे, जिसमें सीतापुर से आनंद भदौरिया, लखनऊ- उन्नाव से सुनील साजन, प्रतापगढ़ से अक्षय प्रताप, बांदा- हमीरपुर से रमेश, आगरा फिरोजाबाद से दिलीप यादव, मथुरा- एटा- मैनपुर की दो सीटों से उदय वीर सिंह और अरविंद प्रताप, मेरठ- गाजियाबाद से राकेश यादव निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
विधानसभा में बीजेपी ने लगाया धांधली का आरोप
संडे को विधानसभा में बीजेपी विधान मंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया। नियम 56 के तहत उन्होंने मामला उठाते हुए बरेली में हेलीकॉप्टर से भेजे गये टिकट के बारे में सरकार से जवाब मांगा। विधानसभा स्पीकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इसकी शिकायत आप चुनाव आयोग से कर सकते हैं और चुनाव आयोग ही इसके लिए जांच कर सकता है। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी अपनी हार से परेशान है इसीलिए इस तरह के आरोप लगा रही है। जिस हेलीकाप्टर से टिकट भेजने की बात सुरेश खन्ना कर रहे हैं उसका पूरा किराया पार्टी फंड से दिया जा चुका है।
नंबर गेम
36 सीट के लिए था घमासान
31 सीट पर सपा का परचम
02 सीट पर बसपा सिमटी
01 सीट कांग्रेस के खाते में
02 सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी

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