मुस्लिम महिलाएं क्यों नहीं कर सकतीं चार शादियां? – केरल हाईकोर्ट

666

muslim_women
केरल हाई कोर्ट के जज जस्टिस बी. कमल पाशा ने धर्मगुरुओं की मंशा और मुस्लि‍म महिलाओं के अधि‍कारों को लेकर रविवार को कई गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि मुस्लि‍म पर्सनल लॉ के मुताबिक, अगर पुरुष चार-चार शादियां करने का हक रखता है तो फिर महिलाएं चार-चार शौहर क्यों नहीं रख सकतीं?

जस्ट‍िस पाशा कोझि‍कोड में महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे एक गैर सरकारी संगठन के कार्यक्रम में शि‍रकत कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ में ऐसे कानूनों की भरमार है, जो महिलाओं के खिलाफ हैं. इसके लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठे धर्म के ठेकेदार जिम्मेदार हैं.’

बता दें‍ कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत पुरुष चार बार शादी कर सकते हैं. हालांकि कई इस्लामिक देशों ने इस पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन भारत में यह नियम लागू है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here