भारत लौटने को तैयार नहीं माल्या, सभी संपत्तियां होंगी जब्त

232

vijay_mallya
करोड़ों रुपये के बैंक कर्जदार उद्योगपति विजय माल्या ने भारत आने से इन्कार कर दिया है। जबकि देश में उनकी मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। चेक बाउंस के मामले में हैदराबाद की अदालत ने माल्या के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है।

18 मार्च को पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत में उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। जबकि पीएफ जमा करने में हेराफेरी को लेकर श्रम मंत्रालय ने भी जांच शुरू कर दी है।

ब्रिटिश अखबार को दिए साक्षात्कार में विजय माल्या ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल भारत आने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपराधी बताया जा रहा है। यह भारत लौटने का सही समय नहीं है। जाहिर है वे 18 मार्च को ईडी के दफ्तर में पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होंगे। इस संबंध में पूछे जाने पर ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि माल्या पूछताछ के लिए नहीं आते हैं, तो उनकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत ईडी को संपत्ति जब्त करने का अधिकार है और जल्द ही इसे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईडी पहले ही विजय माल्या की संपत्तियों का पता लगा रही है। संपत्तियां चाहे शेयर के रूप में हों या जमीन-जायदाद या फिर बैंक जमा के रूप में, उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। ईडी में दो दिन की पूछताछ के दौरान किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए. रघुनाथन ने पूरे वित्तीय संकट के लिए सीधे तौर पर माल्या को जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार सारे वित्तीय फैसले खुद माल्या लेते थे।

वहीं हैदराबाद की एक अदालत ने विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस को माल्या को 13 अप्रैल तक पेश करने को कहा है। दरअसल जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ से माल्या के खिलाफ 50 लाख रुपये का चेक बाउंस होने और भुगतान न कर पाने पर उन पर केस चलाने की अपील दायर की गई थी। इसके बाद माल्या के खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया था।

एयरपोर्ट ने हैदराबाद में किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ कुल आठ करोड़ रुपये का चेक बाउंस होने के आरोप में 11 केस दर्ज कराया है। इससे पहले हैदराबाद की अदालत ने माल्या को 10 मार्च तक पेश होने का आदेश दिया था। लेकिन पेशी नहीं होने के चलते अदालत ने अब गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।

इसके साथ ही श्रम मंत्रालय ने विजय माल्या के खिलाफ कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) जमा कराने की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने चालू स्थिति में रहते समय भी अपने कर्मचारियों का पूरा पीएफ नहीं जमाया कराया था। यह सीधे तौर पर श्रम कानून का उल्लंघन है। केंद्रीय श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि पीएफ जमा करने में गड़बड़ी की जांच की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here