गोधरा में ट्रेन जलाने आरोपी कांग्रेसी नेता 14 साल बाद गिरफ्तार

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वर्ष 2002 के गोधरा ट्रेन कांड में मुख्य आरोपी फारुख बाना को गुजरात एटीएस ने 14 साल तक फरार रहने के बाद आज गिरफ्तार कर लिया। गोधरा ट्रेन कांड में 59 कार सेवक मारे गए थे। इस ट्रेन कांड के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क उठे थे। बाना कांग्रेसी नेता भी रह चूका है

27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की बोगी नंबर एस-6 आग लगने से 58 लोगों की मौत हो गई थी। मारे गए लोगों में 23 पुरुष, 15 महिलाएं और 20 बच्चे थे। हादसे की चपेट में जो एस-6 कोच आया, उसमें ज्यादातर कारसेवक थे। इसलिए, इसे साजिश माना गया। इस घटना के बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे। इनमें एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।

2002 गुजरात सरकार ने मामले की जांच के लिए नानावती कमीशन बनाया था। इसने 2008 में रिपोर्ट सरकार को सौंपी। यूपीए सरकार ने भी 2004 में गोधरा कांड की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। इस केस के कई आरोपी अब भी फरार हैं।
आतंकवाद रोधी दस्ते के अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय भाना गोधरा में पार्षद था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मुंबई चला गया और वहां जाकर प्रोपर्टी ब्रोकर बन गया।

एटीएस के एक अधिकारी ने बताया, एक गुप्त सूचना के आधार पर हमने पंचमहल जिले में कलोल कस्बे के समीप एक टोल प्लाजा से भाणा को पकड़ लिया। आज वह मुंबई से गोधरा जा रहा था। वह गोधरा कांड का मुख्य साजिशकर्ता है।

प्राथमिकी में फारूख मोहम्मद भाणा पर आरोप लगाया गया है कि गोधरा रेलवे स्टेशन के समीप अमन गेस्ट हाउस में अन्य आरोपियों के साथ बैठक के दौरान उसने एस 6 कोच को आग के हवाले करने की साजिश रची थी।

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