भारत ने कोरिया को हराया, फाइनल का दावा मजबूत

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 hokey1भारत की चार मैचों में यह दूसरी जीत है और वह सात अंकों के साथ दूसरे स्थान पर आ गया है। दूसरी तरफ कोरिया को चार मैचों में तीसरी हार का सामना करना पड़ा और वह फाइनल की होड़ से बाहर हो गया है। कोरिया के खाते में तीन अंक हैं। भारत की इस शानदार जीत में एसवी सुनील ने 39वें मिनट में और निकिन तिमैया ने 57वें मिनट में गोल दागे। कोरिया का एकमात्र गोल किम जुहुन ने 57वें मिनट में किया।
भारत को फाइनल की होड़ में बने रहने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना था। भारत को अपने पिछले मैच में बेल्जियम से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन कोरिया के खिलाफ मिली जीत से भारतीय टीम अब 16 जून को विश्व चैंपियन और नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टूर्नामेंट के अपने आखिरी लीग मुकाबले में बढ़े हुए मनोबल के साथ उतरेगी।
एशिया की दो टीमों भारत और कोरिया के बीच मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा और पहले दो क्वार्टर में दोनों ही टीमें एक-दूसरे के किले में सेंध लगाने के लिए संघर्ष करती रहीं। इस दौरान दोनों टीमें न तो कोई गोल कर पाईं, न ही उन्हें कोई पेनल्टी कॉर्नर मिला।
आखिर इस गतिरोध को 39वें मिनट में एसवी सुनील ने तोड़ा। सुनील का यह गोल हर लिहाज़ से दर्शनीय था, जिसकी तारीफ साइडलाइन पर खड़े कोच रोलैंट ओल्टमैंस ने भी की। सुनील को मनप्रीत से डी में गेंद मिली और उन्होंने गेंद संभालने के बाद कोरियाई गोलकीपर को गोल के ठीक सामने छकाया और फिर खाली पड़े गोल में गेंद पहुंचा दी।
पहला गोल करने के तुरंत बाद भारत ने मैच का अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन यह प्रयास बेकार गया। तीसरे क्वार्टर तक भारत के बाद 1-0 की बढ़त बनी हुई थी। चौथा क्वार्टर शुरू होने के बाद भारत ने लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन दोनों ही बर्बाद गए।
भारतीय खिलाड़ी इस समय कुछ धीमा पड़े गए और गेंद पर से उनका नियंत्रण भी कम हो गया। कोरिया ने इसका फायदा उठाते हुए भारतीय डिफेंस में सेंध लगाई और किम जुहुन ने 57वें मिनट में डी के अंदर से गेंद को भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश के पैरों के बीच से निकालकर बराबरी का गोल दाग दिया।
लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इसी मिनट में जवाबी हमला किया और गेंद को लेकर सीधे कोरिया के डी में पहुंच गया। तलविंदर सिंह ने डी के अंदर घुसते हुए रिवर्स शॉट लगाया और गेंद गोल के सामने खड़े तिमैया के पास आई जिनका बेहतरीन डिफ्लेक्शन सीधे गोल में समा गया। भारत ने बराबरी का गोल खाने के 30 सेकंड बाद ही बढ़त बनाने वाला गोल दाग दिया।
अंतिम दो मिनटों में आकाशदीप सिंह के पास एक अच्छा मौका था लेकिन वे इसे भुना नहीं पाए। अंत में भारत के हाथ 2-1 से जीत लग गई जो उसके लिए आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में टॉनिक का काम करेगी।

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