7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कुछ और बढ़त के साथ आज मिल सकती है मंजूरी

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केंद्रीय मंत्रिमंडल केंद्रीय कमिर्यों के वेतन-भत्तों और पेंशन मानों में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कुछ और बढत के साथ बुधवार को मंजूरी दे सकता है। आयोग ने मूल वेतन में करीब 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की है।

इसके लागू होने से कुल एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारकों को फायदा होगा। वेतन आयोग की सिफारिशें गत नवंबर में आ गई थीं। इनमें मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। यह बढ़ोतरी पिछले 70 साल में आयोगों की सिफारिशों में सबसे कम बताई जा रही है।

छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की। 2008 में इसे लागू करते समय सरकार ने दोगुनी बढोतरी कर दी थी। आयोग की सिफारिशों में प्रस्तावित भत्तों को भी जोड़ा जाए तो सिफारिशों के अनुसार वेतन में 23.55 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस साल राजकोषीय तंगी को ध्यान में रखते हुए सरकार वेतन आयोग की सिफारिश के मुकाबले मूल वेतन को 18 प्रतिशत या अधिक से अधिक 20 प्रतिशत तक कर सकती है।’ 7वें वेतन आयोग की रपट इस साल एक जनवरी से प्रभावी होगी। जनवरी के बाद के बकाए के भुगतान के तौर तरीकों पर भी मंत्रिमंडल में निर्णय किया जा सकता है।

मंत्रिमंडल सचिव पी.के. सिन्हा की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश की समीक्षा के बाद अपनी रपट सौंप दी है। बताया गया है कि समिति ने सिफारिशों का समर्थन किया है और इसकी रपट को मंत्रिमंडल के सामने प्रस्तुत किए जाने वाले नोट का रूप दिया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा, ‘बहुत संभव है कि इसे मंत्रिमंडल की बुधवार की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।’ केंद्र सरकार के निर्णय से उसके करीब 50 लाख कर्मचारियों और 58 लाख पेंशनरों को फायदा होगा।

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