राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित, कर क्षेत्र में सबसे बड़े सुधार का मार्ग प्रशस्त

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आजादी के बाद देश में कर क्षेत्र के सबसे बड़े सुधार का मार्ग प्रशस्त करते हुये राज्यसभा ने आज बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवाकर :जीएसटी: विधेयक को संपूर्ण समर्थन के साथ पारित कर दिया।

जीएसटी कर प्रणाली के अमल में आने से केन्द्र और राज्य के स्तर पर लागू विभिन्न प्रकार के अप्रत्यक्ष कर इसमें समाहित हो जायेंगे और पूरा देश दुनिया का सबसे बड़ा साझा बाजार बन जायेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित किये जाने पर सभी दलों के नेताओं और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुये इसे सही मायनों में एक एतिहासिक क्षण और सहयोगपूर्ण संघवाद का सबसे अच्छा उदाहरण बताया।

मोदी ने ट्वीटर पर कहा, ‘‘हम सभी दलों और राज्यों के साथ मिलकर एक ऐसी प्रणाली लागू करेंगे जो कि सभी भारतीयों के लिये लाभदायक होगी और देश को जीवंत साझे बाजार के रूप में आगे बढ़ायेगी।’’ वस्तु एवं सेवाकर की व्यवस्था को लागू करने वाले 122वें संविधान संशोधन को आज राज्यसभा में सात घंटे से अधिक चली बहस के बाद सदन में उपस्थित सभी सदस्यों के पूर्ण समर्थन से पारित कर दिया गया। कांग्रेस के बी. सुब्बारामी रेड्डी के संशोधनों के प्रस्ताव को सदन ने एकमत से खारिज कर दिया। अन्नाद्रमुक के सदस्य मतविभाजान के समय सदन से बाहर चले गये थे।

उद्योग जगत ने राज्यसभा में जीएसटी के पारित होने का स्वागत किया और कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और कारोबार की सुगमता बढ़ेगी।

जीएसटी संशोधन विधेयक लोकसभा द्वारा पिछले साल मई में पारित कर दिया गया था लेकिन राज्यसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की आपत्तियों के कारण अटक गया था और इसे एक प्रवर समिति के पास भेजा गया था। राज्यसभा ने संशोधित रूप में पारित किया है और अब यह संशोधित विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा जहां राजग का बहुमत है।

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