पाकिस्तानी आतंकी का कबूलनामा, सीमा पार हैं और आतंकी

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कश्मीर में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी बहादुर अली ने लश्कर के आतंकी हमले के राज़ खोले हैं.एनआईए ने बताया है कि उसे पाकिस्तानी फौज से ट्रेनिंग मिली.बहादुर अली को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था.

बहादुर ने कहा कि मेरा नाम बहादुर अली है। हिंदुस्तान की फौज जुल्म करती है। जमात उद दावा ने मुझे मुजफ्फराबाद में ट्रेनिंग दिलाई और कश्मीर भेजा। पाकिस्तान फौज के लोगों ने मुझे ट्रेनिंग दी। कंपास, गूगल मैप से मुझे ठिकाने की जानकारी दी गई। 2014 में मुझे ट्रेनिंग दी गई।

बहादुर ने कहा कि मुझे कहा गया दंगा फसाद करके माहौल खराब करो। मुझे बताया गया कि भारतीय फौज मुस्लिमों पर जुल्म कर रही है। मुझे 50 हजार रुपये भी दिए गए। मुझसे अफगानिस्तान की तरह जेहाद करने की बात कही।

एनआईए ने इस आतंकी का वीडियो जारी करते हुए बताया कि जमात-उद-दावा ने 2008-09 में आतंकी बहादुर अली को भर्ती किया था.इन्हें विशेष तरह की मिलिट्री ट्रेनिंग दी गई थी.इसे पाकिस्तान में बैठे आकाओं से निर्देश मिल रहे थे.ये आदेश पाकिस्तान सिक्योरिटी फोर्सेज की मदद से मिल रहे थे.उसके पास बिना सिम कार्ड वाले एसएमसएस वाला फोन मिला.बहादुर अली ने इस तकनीक का काफी इस्तेमाल किया.बिना पाकिस्तान मिलिट्री की मदद से ऐसा ऑपरेशन मुश्किल है.

आतंकी ने बताया कि पाकिस्तान में 30 से 50 आंतकियों को वहां तैयार रखा गया है और उन्हें वहां ट्रेनिंग कैंपों में ट्रेनिंग दी जाती है.11-12 जून की रात को वह भारत में दाखिल हुआ था. हाफिज सईद के करीबियों ने बहादुर अली को भर्ती किया था और जिहाद के नाम पर फुसलाया था.

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