फिर से जल सकती है जाट आन्दोलन आग १३ को हो सकती है बड़ा फैसला ….

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जाट आरक्षण के मुद्दे पर जाट संगठन एक बार फिर आंदोलन की राह पर निकल सकते हैं। बृहस्पतिवार को जाट भवन में पहुंचे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सीबीआई और एसआईटी को लेकर असमंजस की स्थिति है कि मामले की जांच कौन कर रहा है। यदि सरकार ने 13 सितंबर तक स्थिति स्पष्ट नहीं की तो मय्यड़ में होने वाली रैली में फिर से बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।

प्रेसवार्ता में मलिक ने कहा कि बीते दिनों रोहतक में हुई रैली के बाद एसआईटी के उच्च अधिकारी उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं, जिसमें जाटों को बिना किसी जांच के सीधे तौर पर दोषी ठहरा रहे हैं। सरकार ने खुद घोषणा की थी कि इस मामले की जांच सीबीआई करेगी, लेकिन अब एसआईटी के अधिकारी किस आधार पर बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार जाटों को गुमराह कर रही है। सरकार को चेताते हुए कहा कि मय्यड़ रैली से पहले सरकार स्थिति स्पष्ट करे, यदि ऐसा नहीं होता तो रैली में बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।

 

यश्‍ापाल मल‌िक, जाट नेता
यश्‍ापाल मल‌िक, जाट नेता

उन्होंने बताया कि रैली के बाद केंद्र सरकार के भी कुछ प्रतिनिधियों ने संपर्क किया है। केंद्र सरकार ने आरक्षण को लेकर ठोस पैरवी करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में प्रदेश सरकार को भी साथ मिलकर चलना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सांसद राजकुमार सैनी पर भी निशाना साधा। कहा कि ऐसे कुछ लोगों की वजह से ही प्रदेश का माहौल बिगड़ा था। इन पर लगाम लगनी चाहिए। इससे पूर्व उन्होंने जाट भवन में कार्यकर्ताओं की बैठक को भी संबोधित किया।

बैठक के दौरान मलिक ने सभी को शपथ दिलाई कि जाटों का आंदोलन तब तक रहेगा, जब तक जेलों में बंद युवाओं को रिहा नहीं किया जाएगा। समाज के लिए सभी एकजुट होकर कार्य करेंगे और भाईचारा बनाकर रखेंगे। इस मौके पर समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा, उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल, नरेश बल्हारा, कृष्णलाल हुड्डा, जिला पार्षद सतीश भालौठ और राजेंद्र सिंह मौजूद रहे।

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