हरियाणा: मेवात से एकत्र किए गए बिरयानी सैम्पलों में हो गई गोमांस की पुष्टि : सूत्र

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पुलिस को हरियाणा के मेवात इलाके में उस बिरयानी में गोमांस मिला है, जिसके सैम्पल पिछले कुछ दिन से वे एकत्र कर रहे थे. यह जानकारी सूत्रों ने दी है. बताया जा रहा है कि इस बात की पुष्टि हिसार स्थित एक सरकारी लैब ने कर दी है कि बिरयानी के अधिकतर सैम्पलों में गोमांस है.

ईद के त्योहार से पहले की गई बिरयानी की इस जांच को लेकर बहुत-से लोगों को हैरानी हुई थी, और उन्होंने सवाल उठाए थे कि जो राज्य पुलिस के पास होने वाली शिकायतों की गिनती के आधार पर देश में दूसरे स्थान पर है, उसमें पुलिस को अन्य अपराधों की तरफ ध्यान देना चाहिए या बिरयानी के सैम्पल एकत्र करने पर.

राज्य के मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को इस कदम का बचाव करते हुए कहा था, “वे (पुलिस) कानून को लागू कराए जाने के लिए उत्तरदायी हैं… यह उनकी ड्यूटी का हिस्सा है कि राज्य में गोमांस न खाया जाए, क्योंकि भारत में यह गैर-कानूनी है…”

मेवात इलाके में सड़क किनारे और रेस्तराओं में बिरयानी बेचने वाले लगभग 10,000 लोगों के लिए बकरीद का त्योहार काफी बिक्री लेकर आता है. दरअसल, मेवात राज्य का एकमात्र जिला है, जहां मुस्लिम आबादी का बाहुल्य है, लेकिन अब अभूतपूर्व तरीके से की गई इस पुलिस जांच ने इन लोगों को बेचैन कर दिया है.

हरियाणा गोकल्याण आयोग (Haryana Cow Welfare Commission) के प्रमुख भनीराम मंगला ने मंगलवार को मेवात का दौरा किया था, और पुलिस को सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे कि गोमांस वाली बिरयानी की बिक्री न हो पाए.

गोरक्षा संस्था का दावा है कि उन्हें कई शिकायतें मिली थीं कि इलाके में बेची जा रही बिरयानी में गोमांस के टुकड़े परोसे जा रहे हैं.

गोरक्षा के लिए बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स की सदस्य पुलिस अधिकारी भारती अरोड़ा का कहना है, “पुलिस से कहा गया है कि जिस-जिस गांव में बिरयानी बेची जा रही है, वहां से सैम्पल एकत्र किए जाएं, और जांचा जाए कि किस मांस का इस्तेमाल बिरयानी में किया जा रहा है…”

हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां गोरक्षा कानून सबसे ज़्यादा सख्त हैं. गोहत्या के लिए यहां 10 साल तक की कैद, और गोमांस बेचने के लिए पांच साल तक की कैद का प्रावधान है.

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