5वें वन डे में न्यूजीलैंड को 190 रन से हराकर भारत ने सीरीज पर किया कब्ज़ा

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रोहित शर्मा (70) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों के बाद लेग स्पिनर अमित मिश्रा के पंजे भारत ने शनिवार को यहां न्यूजीलैंड को पांचवें और निर्णायक एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 190 रन से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीतकर देशवासियों को खूबसूरत ‘दीवाली’  गिफ्ट तोहफा दिया.

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धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह गेंदबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में से एक था. इस मैच में स्पिनरों को काफी मदद मिल रही थी. इससे पहले जब पहले गेंदबाजी करते थे तो पहली पारी में विकेट बल्लेबाजी के लिये अच्छा रहता था. यह बेजोड़ प्रदर्शन था क्योंकि थोड़ी ओस भी पड़ रही थी. स्पिनरों ने जिस लय से गेंदबाजी की वह शानदार थी. ’’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मिश्रा की गेंदबाजी की खूबसूरती यह है कि वह धीमी गेंद करता है और विकेटकीपर होने के कारण आपके पास बल्लेबाज को स्टंप करने के लिये गेंद पकड़ने का समय होता है. अक्षर पटेल सपाट और तेज गेंद करता है और यह बहुत अच्छा है. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘विराट ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया. हमने अच्छी शुरूआत की. जब रोहित शर्मा चोटिल हो गये तब उनके लिये संदेश था कि यदि उन्हें लगता है कि वह आगे पारी नहीं खींच सकते तो अपने शॉट खेलें. जब वह आउट हुआ तो हमारी कुछ लय बन गयी थी. ’’

धोनी ने कहा, ‘‘हमें महसूस हो गया था कि इस विकेट पर स्ट्राइक रोटेट करना आसान नहीं है और इसलिए हमने बड़े शॉट खेलने का फैसला किया. हम जानते थे कि 270 के स्कोर का बचाव किया जा सकता है लेकिन ओस भी एक कारक था. ’

 

गौरतलब है कि मध्यक्रम में मनीष पांडेय, अक्षर पटेल और केदार जाधव सीरीज के कुछ मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए अवसरों का फायदा उठाने में नाकाम रहे।धोनी ने कहा कि मेरे खयाल से मनीष, केदार और अक्षर ने इस सीरीज से काफी अनुभव हासिल किया। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में हर फन में माहिर खिलाड़ी का मिलना मुश्किल होता है और नए खिलाड़ियों को परिपक्व होने में समय लगेगा।

धोनी ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में स्पष्ट अंतर करते हुए कहा कि किसी मैच को देखने के कई तरीके हैं। आईपीएल की तर्ज पर सोचें तो आप लगातार बड़े शॉट लगाते हुए लक्ष्य का पीछा करना चाहेंगे, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा करते हुए कई बार आप असफल साबित होते हैं। वहां आपकों बहुत सोच विचार करना पड़ता है। जरूरी नहीं है कि हर मैच आप 40 ओवरों में ही जीत जाएं, उसे आप आराम से 50 ओवरों में जीत सकते हैं।

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