एशियन चैंपियंस ट्रॉफी : पुरुषों के बाद महिला टीम बनी एशियन हॉकी चैंपियन

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भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिंगापुर में आयोजित हुई एशियन महिला हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली है.

शनिवार को खेले गए फाइनल मुक़ाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 2-1 से मात दी.

 

दीपिका ठाकुर के आखिरी मिनट में किए गए निर्णायक गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने आज रोमांचक फाइनल में चीन को 2-1 से पराजित करके पहली बार महिला एशिया चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। दीपिका ने 60वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर रिबाउंड से गोल करके अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई।

इससे पहले भारत को दीप ग्रेस एक्का (13वें मिनट) में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके बढ़त दिलाई थी। जबकि चीन के लिए झोंग मेंगलिंग ने 44वें मिनट में बराबरी का गोल किया था। इस जीत से भारत ने चीन के हाथों कल आखिरी लीग मैच में मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया। महिला टीम से पहले पुरुष टीम ने क्वांटन में पाकिस्तान को हराकर पुरुष वर्ग में यह महाद्वीपीय खिताब जीता था।

 

पूर्व भारतीय कप्तान ममता ख़रब इसे भारतीय हॉकी की बड़ी जीत मानती हैं. उनका मानना है कि अगर इसे सही तरह से तराशा गया तो ये और भी बड़ी जीत हासिल कर सकती है. पूर्व कप्तान सबा अंजुम कहती हैं, “बहुत बड़ी जीत है. लीग मैच हम चीन से हार गए थे. लेकिन लीग और फ़ाइनल एकदम अलग होता है. फ़ाइनल में डू या डाई सिचुएशन होती है. इस जीत का फ़ायदा भारतीय टीम को एशियन गेम्स, एशिया कप, टेस्ट मैच या दूसरे बड़े टूर्नामेंट में देखने को ज़रूर मिलेगा.”

पिछले हफ़्ते भारतीय पुरुष टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीती थी तो जूनियर टीम ने वालेंसिया (स्पेन) में फ़ोर नेशंस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन जर्मनी को (5-2 से) शिकस्त दी थी और उसी दिन महिला टीम ने इसी टीम में द. कोरिया को शिकस्त दी थी. मतलब अब भारतीय पुरुष सीनियर और जूनियर टीम के साथ अब महिला टीम के पास भी ख़िताबी जीत है. जानकार इसे भारतीय हॉकी के आने वाले दिनों के लिए एक अच्छा संकेत मान रहे हैं.

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