देश का पहला कैशलेश गाँव जहाँ प्लास्टिक मनी प्रयोग हो रही है

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plastic money

नोटबंदी के बाद ठाणे का धसई पहला ऐसा गावं बनने जा रहा है जहा कैश प्रयोग में नही लाया जायेगा और प्लास्टिक मनी का प्रयोग होगा|

ठाणे जिले का धसई गांव एक बड़े ग्रामीण बाजार के रूप में भी प्रसिद्ध है। यहां की आबादी 10 हजार है। इस गांव में डेढ़ सौ से अधिक व्यापारी प्रतिदिन एक करोड़ रुपये का व्यवसाय करते हैं। धसई सहकारी सोसायटी से कई व्यापारी जुड़े हुए हैं जिनका दुग्ध, अनाज और किराना का व्यवसाय है। धसई बाजार में न सिर्फ गांव के लोग बल्कि आसपास के गांव आनंदवाड़ी, पलू, सोनावले, रामपुर, कलंबाड़, मिल्हे, देवरी खेवारे और जायगाव के नागरिक और व्यापारी भी यहां खरीदी-विक्री के लिए आते हैं।

इतना ही नहीं, नागरिक अपने डेविड कार्ड से सैलून और मोटर गैरेज सहित खेती के लिए टैक्टर के किराए का भी भुगतान कर सकते हैं। इसलिए कार्ड स्वाइप मशीन उपलब्ध होने के बाद क्षेत्र की लगभग 50 हजार की आबादी को बैंक जाकर पैसे निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस गावं के लोगो को बैंक के काम से 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, प्लास्टिक मनी के बाद एक बड़ी राहत मिली है|

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