प्रधानमंत्री का विमुद्रीकरण का फैसला साहसिक : शिवराज

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देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के फैसले का समर्थन करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कालेधन, जाली करंसी और आतंकवाद से निपटने के लिये इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक ‘साहसिक फैसला’ बताया, जबकि कांग्रेस विधायकों ने आज इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश विधानसभा से बहिर्गमन किया।

कांग्रेस के कार्यवाहक नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन, कांग्रेस विधायक मुकेश नायक और अन्य विधायकों के प्रदेश में किसानों को नोटबंदी और अन्य कारणों से हो रही समस्याओं के मुद्दे पर मध्यप्रदेश विधानसभा में रखे गये स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा आतंकवाद, जाली करंसी और कालेधन के समस्या से निपटने के लिये लिया गया यह एक साहसिक निर्णय है।’’ इससे पहले आज सुबह शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस सदस्यों ने इस मुद्दे पर कई स्थगन प्रस्ताव रखे और इस पर बहस की मांग करते हुए प्रश्नकाल के दौरान हंगामा किया। हंगामे के चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिये स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर कांग्रेस विधायकों ने अपनी मांग जारी रखते हुए फिर हंगामा किया, इस पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार इस पर चर्चा के लिये तैयार है, यह तुरंत ही शुरू होनी चाहिये।

बहस के अंत में स्थगन प्रस्ताव पर उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को युगपुरुष बताते हुए कहा, ‘‘यह स्वीकार करना पड़ेगा कि नोटबंदी का फैसला आसान नहीं था। यदि कोई चुनावी गणित से देखता तो यह फैसला नहीं ले सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युगपुरुष के तौर पर आतंकवाद और कालेधन के खिलाफ यह फैसला लिया।’’

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