BMC: बीजेपी नहीं उतारेगी अपना प्रत्यासी, शिवसेना को ही देगी समर्थन

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बृहन्‍मुंबई महानगरपालिका के मेयर पद के लिए बीजेपी उम्‍मीदवार खड़ा नहीं करेगी। महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार(4 मार्च) को साफ कह दिया कि उनकी पार्टी ना तो मेयर और ना ही डिप्‍टी मेयर के लिए उम्‍मीदवार खड़ा करेगी। इसके साथ ही बीएमसी में एक बार फिर से शिवसेना का मेयर बनने का रास्‍ता साफ हो गया है। फड़णवीस ने कहा कि बीजेपी शिवसेना को समर्थन देने को तैयार है लेकिन कोई पद नहीं लेगी। वह डिप्‍टी मेयर, नेता विपक्ष या किसी भी कमिटी के चेयरमैनशिप के लिए दावेदारी नहीं करेगी। उन्‍होंने मीडियाकर्मियों से कहा, ”यदि उन्‍हें वोट की जरुरत है तो बीजेपी समर्थन देने को तैयार है। हम विपक्ष में नहीं होंगे। हम सत्‍ताधारी दल का समर्थन करेंगे लेकिन पारदर्शिता के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे।” बीएमसी मेयर पद के लिए आठ मार्च को चुनाव होना है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को ही फडणवीस कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बयान दिया था कि वह इस बात को लेकर 200 फीसदी आश्वस्त हैं कि बीएमसी में भाजपा और शिवसेना एकसाथ आएंगे. पाटिल ने प्रदेश भाजपा की कोर समिति की अहम बैठक के पहले यह बयान दिया. उन्होंने यह भी कहा था कि राज्य की भाजपा नीत सरकार पर कोई खतरा नहीं है.

वहीं, शिवसेना ने आज मेयर और डिप्टी-मेयर के पदों के लि अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। बीएमसी चुनावों के नतीजों में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता अनिल परब ने बताया कि विश्वनाथ महादेश्वर मेयर पद के लिए और हरेश्वर वर्लीकर डिप्टी-मेयर पद के लिए शिवसेना के उम्मीदवार होंगे।

 

बीएमसी चुनावों में 84 सीटें जीतकर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी जबकि भाजपा 82 सीटें जीतकर दूसरे पायदान पर रही। हालांकि, 227 सदस्यों वाली बीएमसी की सत्ता में आने के लिए जरूरी 114 सीटें किसी पार्टी को नहीं मिल सकी।

बहरहाल, सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी दोनों पदों के लिए अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित करा सकती है, बशर्ते अन्य पार्टियां एकजुट होकर अपने संयुक्त उम्मीदवार नहीं उतारें। स्थानीय संगठन अखिल भारतीय सेना की उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल करने वाली गीता गवली की ओर से भाजपा को समर्थन दिए जाने का ऐलान किए जाने के बाद पार्टी का संख्याबल 83 हो गया है।

बीएमसी में अभी शिवसेना के पास 84 सीटें हैं और उसे चार निर्दलीयों का समर्थन है। भाजपा को 82 सीटें मिली हैं जबकि अखिल भारतीय सेना के एक पार्षद ने उसे समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस के पास 31, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पास नौ, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पास सात, समाजवादी पार्टी (सपा) के पास छह, एआईएमआईएम के पास दो, एबीएस की एक और एक निर्दलीय की सीटें हैं।

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