गोमांस न खाने की सलाह देने वाले अजमेर के दीवान को उनके भाई ने ही पद से हटाया

93

  सालाना उर्स के अवसर पर अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे देश में गोमांस पर प्रतिबंध लगाने की मांग भारी पड़ती दिखाई दे रही है. मीडिया में पूरे जोर-शोर से उनकी मांग से संबंधित खबर चलाये जाने के बाद इस सूफी संत के भाई अलाउद्दीन आलिमी ने उन्हें दरगार के दीवान पद से हटाने का ऐलान कर दिया है. पीएम मोदी से गोमांस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाले सूफी संत जैनुल आबेदीन ने तीन मलाक को भी इस्लाम विरोधी बताया था.

अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन ने गोहत्या पर प्रतिबंध की मांग की थी. सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा था- इससे दो समुदायों के बीच नफरत पनप रही है. ऐसे में देश में शांति के लिए सरकार इस पर पूरे तरीके से बैन लगाए. उन्होंने मुसलमानों से भी गोमांस न खाने की अपील थी.

दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने एक बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने खुद गोमांस का सेवन न करने की घोषणा की. उन्होंने कहा था- मैं और मेरा परिवार गोमांस का सेवन त्यागने की घोषणा करता हूं.

दरगाह में 805वां सालाना उर्स चल रहा है. इस दौरान दरगाह के दीवान सैयद जैनुल ने गोहत्या पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि गोमांस से दो समुदायों के बीच दूरियां आई हैं. भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को झटका लगा है. ऐसे में जरूरी है कि मुसलमान इस इख्तलाफ को खत्म करने की पहल करें और गोमांस खाना बिल्कुल कर दें. साथ ही सरकार भी गोहत्या और उसके मांस की बिक्री पर पूरे तरीके से प्रतिबंध लगाए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी तरह का जानवर नहीं काटा जाना चाहिए.

गाय बने राष्ट्रीय पशु
सैयद जैनुल ने कहा था गाय सिर्फ एक जानवर नहीं है बल्कि हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है. गाय और उसके वंश को बचाना चाहिए. साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए.

तीन तलाक इस्लाम के खिलाफ
सैयद जैनुल ने तीन तलाक के तरीके को भी इस्लाम विरोधी बताया. उन्होंने कहा कि इस्लाम में महिलाओं को सम्मान दिया गया है. ऐसे में शरियत का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और तीन तलाक के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न नहीं करना चाहिए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here