दक्षिण एशिया संचार उपग्रह के साथ GSLV-F 09 का सफल प्रक्षेपण, PM मोदी ने इसरो को दी बधाई

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो ने शुक्रवार को दक्षिण एशिया संचार उपग्रह, ‘जीएसएटी-9’ को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. इसे शाम 4 बजकर 57 मिनट पर श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया.

इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए कहा कि ये सैटेलाइट सात दक्षिण एशियाई देशों की एकता का प्रतीक है.

मोदी ने दक्षिण एशिया उपग्रह के सफल प्रक्षेपण को ‘ऐतिहासिक क्षण’ करार देते हुए कहा कि इसने क्षेत्र के देशों के बीच सम्पर्क विस्तार के नये आयाम खोल दिये हैं.

इसरो के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि इस उपग्रह से दक्षिण एशिया को काफी लाभ होगा और क्षेत्र की प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी.

ये उपग्रह इस क्षेत्र में देशों के बीच संचार में मददगार होगा. 50 मीटर ऊंचे रॉकेट के जरिए भेजा गया ये सैटेलाइट अंतरिक्ष में शांतिदूत की भूमिका निभाएगा. गौरतलब है कि जीएसएलवी रॉकेट की ये 11वीं उड़ान है.

पहले इसे सार्क सैटेलाइट का नाम दिया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इस तोहफे का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया था. भारत के इस कदम को चीन की स्पेस डिप्लोमैसी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा.

भारत का ये शांति दूत स्पेस में जाकर कई काम करेगा. ये एक संचार उपग्रह है जो नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, भारत, मालदीव, श्रीलंका और अफगानिस्तान को दूरसंचार की सुविधाएं मुहैया कराएगा.

सार्क देशों में पाकिस्तान को छोड़ बाकी सभी देशों को इस उपग्रह का फायदा मिलेगा. जानकारों के मुताबिक भारत का ये कदम पड़ोसी देशों पर चीन के बढ़ते प्रभाव का मुक़ाबला करने में काम आएगा.

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