बेवकूफी की इंतिहा, प्रसिद्धि के लिए भगवन राम और लक्ष्मण पर ही दर्ज करा दिया महिला उत्पीडन का मुकदमा

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raam darbaar
बिहार के सीतामढ़ी में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्याम बिहारी की अदालत में स्थानीय वकील ठाकुर चंदन सिंह ने भगवन राम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण पर महिला उत्पीड़न का का केस दर्ज कराया है चंदन सिंह का पॉइंट है कि एक धोबी की बात सुनकर भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता को घर से निकाल दिया. ऐसा कर उन्होंने सीता पर अत्याचार किया है बात सीता को वनवास की है

केस दर्ज कराने वाले चंदन ने कहा कि वह भी मिथिला में पैदा हुए और सीता भी मिथिला में ही पैदा हुई थीं. लेकिन अयोध्या नरेश ने मिथिला की बेटी के साथ इंसाफ नहीं किया. सीता मैया को न्याय दिलाने के लिए यह केस दर्ज कराया है. मेरा मकसद सिर्फ सीता को न्याय दिलाना है. किसी धर्म या किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं.

चंदन सिंह का कहना है कि स्त्री उत्पीड़न त्रेता युग में ही शुरू हो गया था. इसलिए जब तक त्रेता युग की नारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कलियुग की नारी को भी न्याय नहीं मिल सकता. उन्होंने राम के विवेक पर भी सवाल उठाया है. कहा है, इस पर बहस होनी चाहिए कि क्या राम का विवेक सही था.

2012 में आई एक फिल्म OMG की तर्ज पर अब वाकई में भगवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. उस भगवान राम के खिलाफ जिस पर सबसे ज्यादा सियासत होती रही है. कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के लिए सोमवार का दिन भी मुकर्रर कर दिया है.
हालाँकि खुलेदस्त तो नहीं लेकिन दबी जुबान में कुछ अन्य वरिष्ठ वकीलों और समाज के गणमान्य लोगों ने इसे सस्ती पोपुलैरिटी करार दिया है

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