बरेली में 10 वर्षीय महादलित बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या, रोहित की मौत पर आंसू बहाने वाले राजनेता अब कहाँ हैं ?

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बरेली के एक गांव में चौथी क्लास में पढ़ने वाली घुमंतू परिवार 10 वर्षीय लड़की से रेप करके हत्या करने करने का मामला सामने आया है। बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई है | पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक लड़की के सिर्फ चेहरे पर ही चोट के 8 निशान मिले हैं। सभी चोट गहरी हैं। शरीर के बाकी हिस्से में भी चोट के कई निशान मिले हैं। मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद प्राइवेट पार्ट में लकड़ी ठूंस दी और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।पुलिस ने दूसरे दिन दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है।
घुमंतू परिवार की 10 वर्षीय बच्ची अचानक गायब हो गई थी। बाद में उसका निर्वस्त्र शव गांव से 300 मीटर दूर खेत में मिला। दुष्कर्म के बाद उसे मारा गया था। डीआइजी की ओर से खुलासे के लिए गठित तीन टीमों ने गांव के दर्जन लोगों से पूछताछ की। वारदात के वक्त उनकी लोकेशन ली गई। इसके बाद पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को उठा लिया। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव इनसे पूछताछ कर रहे हैं। डीएम गौरव दयाल ने कहा कि शर्मसार करने वाली घटना हुई है। हर हाल में दोषियों पर कार्रवाई होगी। एसएसपी आरके भारद्वाज ने कहा कि जांच में हमे कुछ क्लू मिले हैं। दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा भी गया है। जल्द की दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।
। बरेली के नवाबगंज से तीन किमी दूर गांव आनंदापुर में घुमंतू जाति महावट लोगों की बस्ती है। यहां हेमराज अपनी पत्नी मोटी और 10 वर्षीय बेटी आशा के साथ रहते हैं। घर में कुछ पशु पाले हुए हैं। उनके लिए चारा की व्यवस्था करने के लिए मोटी अपनी बेटी आशा के साथ कल खेत में निकल गई थी। गन्ने के खेत में चारा और लकड़ी की कटाई के बाद आशा को गठ्ठर देकर मोटी ने घर भेज दिया। जानकारी के अनुसार आशा ने थोड़ी देर बाद घर पहुंचकर गठ्ठर को छोड़ दिया, लेकिन इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। परिवार ने बच्ची को दोपहर तीन बजे तक खोजा लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसी बीच गांव के ही कुछ बच्चों को गांव से पांच सौ मीटर दूर महेंद्रपाल के खेत में एक बच्ची का शव दिखा। गांव का होने के कारण बच्चों ने आशा को पहचान लिया। परिवार को आशा का शव होने की सूचना मिलने के बाद सभी लोग खेत पर पहुंच गये। पुलिस की टीम भी वहां पहुंची और आशा के शव को कपड़े से ढकने के बाद फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। सीओ नरेश कुमार ने बताया की बच्ची की गलो घोंटकर हत्या की गई है।
शव से कुछ दूरी पर पड़ा मासूम का रबर बैंड और नकली चोटी, मासूम के शव पर नोंचने के निशान, जिसने भी देखा सिहर गया। बच्ची के साथ दरिंदगी के निशान बयां कर रहे थे कि हैवानों से बचने के लिए वह जूझती रही होगी। शैतानी पंजों से छूटने के लिए वह दौड़ी होगी, चीखी होगी मगरफिर भी बेबस बच्ची हैवानों से हार गई। आनंदापुर में मासूम के साथ हुई हैवानियत ने दिल्ली के निर्भया कांड की याद दिला दी। कक्षा चार में पढऩे वाली बच्ची के साथ दरिंदों ने दुष्कर्म के बाद जो कुछ किया वह पैशाचिक कृत्य से कम नहीं है। खेत में घटना स्थल पर टूटी पड़ी फसल हैवानियत की दर्दनाक कहानी बयां कर रहे थे। मासूम का शव की हालत देखकर पुलिस ही नहीं ग्रामीणों की भी रूह कांप उठी। मासूम की नकली चोटी और रबर बैंड घटना स्थल से कुछ दूरी पर पड़ी थी। जो यह बता रहे थे आरोपियों से बचने के लिए मासूम ने संघर्ष किया था। हाथापाई भी की होगी। मगर वह दरिंदों के पंजों से खुद को बचा नहीं पाई। अंतत : वह संघर्ष करने के बाद भी दरिंदों से जीत न सकी और जिदंगी से हार गई

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